योग का प्रकार: गौण

अर्ध-षड्कोण

कोण

30°

ऑर्ब

प्रकृति

तटस्थ

सारांश

आप सहज रूप से ऐसी परिस्थितियों और वातावरण की ओर आकर्षित होते हैं जो संतुलित हों, और आप अति-नाटकीयता, अत्यधिक भावुकता, पुरुषवादी सोच और अन्य चरम सीमाओं से दूर रहते हैं।

विवरण

अर्ध-षड्कोण तब बनता है जब दो ग्रह लगभग 30° की दूरी पर होते हैं। यह एक तटस्थ गौण पहलू है।

उदाहरण: सूर्य अर्ध-षड्कोण चंद्रमा

आप सहज रूप से ऐसी परिस्थितियों और वातावरण की ओर आकर्षित होते हैं जो संतुलित हों, और आप अति-नाटकीयता, अत्यधिक भावुकता, पुरुषवादी सोच और अन्य चरम सीमाओं से दूर रहते हैं।